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Gangster: गैंगस्टर शिवराज सिंह को शुक्रवार को कोर्ट ने एक दिन के रिमांड पर भेज दिया.

राजस्थान और प्रदेश के बाहर अपराध की दुनिया का बडा नाम शिवराज सिंह, भरतपुर के सेवल जेल में बंद था. जिसे कडी सुरक्षा के बीच बख्तरबंद गाड़ियों में कोटा लाया गया.

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कोटा पुलिस शिवराज को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर कोटा लाई है. यह मामला गुमानपुरा थाने में दर्ज एक भूखंड के लेनदेन से संबंधित बताया जा रहा है।

हालांकि इस मामले में पुलिस ज्यादा समय तक उसे जेल में नहीं रख सकती है. उसको जल्द ही जमानत मिलने की उम्मीद है।

पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच शिवराज को कोर्ट में पेश किया. जहां कोर्ट ने एक दिन का पीसी रिमांड दिया है।

शिवराज को कोर्ट लाने के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कोर्ट परिसर को छावनी बना दिया गया था. किसी भी आने जाने वाले पर रौक लगा दी गई थी.

कडी सुरक्षा के बीच उसे कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट परिसर में पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई. इस दौरान आला अधिकारी भी उसकी निगरानी में लगे रहे।

जेल में शिवराज को बंद रखना पुलिस के लिए चुनौती.

गैंगस्टर शिवराज सिंह पिछले लंबे समय से भानु प्रताप हत्या मामले में जेल में बंद है. इस मामले में उसे जमानत मिल गई है. ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे जेल में बंद रखने की है।

पुलिस को डर है कि जेल से रिहा होने के बाद शिवराज फिर से हाड़ौती क्षेत्र में उत्पात मचाएगा और गैंगवार की घटनाएं बढ़ेंगी।

कोटा के पुलिस उपाधीक्षक प्रथम अंकित जैन ने बताया कि शिवराज सिंह को 2010 के एक मामले में पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है. उसे बख्तरबंद गाड़ी में देर रात कोटा लाया गया, ताकि किसी प्रकार की दिक्कतें पेश न आएं।

दरअसल, हाईकोर्ट से शिवराज सिंह को जमानत मिलने पर कोटा पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है. यहां तक कि मामला प्रसन्न खमेसरा और एसपी केसर सिंह शेखावत तक पहुंच गया।

जिसके बाद से ही लंबित मामलों को खंगालने की कड़ियां शुरू हो गई हैं. वहीं, गुमानपुरा थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

बताया जा रहा है कि भूखंड विवाद के बाद शिवराज सिंह और उसके साथियों ने चौकीदार से मारपीट की थी।

पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार था शिवराज सिंह.

कभी हाड़ौती में अपराध का पर्याय बन चुका भानु प्रताप गैंग साल 2007 में दो टुकड़ों में बंट गया था. दूसरे गैंग को लालचंद उर्फ लाला बैरागी लीड कर रहा था।

जिसकी हत्या भानु प्रताप ने 12 दिसंबर, 2008 में कोटा शहर के उद्योग नगर थाने क्षेत्र के राजनगर तिराहे पर करा दी थी. इस मामले में बृज राज सिंह उर्फ बबलू गवाह था।

हालांकि, बृजराज सिंह का भाई शिवराज अपराध की दुनिया में सक्रिय नहीं था. सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार के तौर पर वो काम करता था।

गैंगस्टर शिवराज सिंह के बड़े भाई बृज राज सिंह उर्फ बबलू की हत्या 12 मई, 2009 को भानु प्रताप गैंग ने चित्तौड़गढ़ के बेगू थाना इलाके में करा दी थी।

भाई की हत्या के बाद शिवराज गैंगस्टर बन गया. लाला बैरागी हत्या मामले में गवाह होने के कारण बृज राज सिंह की हत्या कर दी गई थी, शिवराज ने इसी हत्या का बदला लेने के लिए भानु प्रताप की हत्या की थी और उसे गोलियों से छलनी कर दिया था।

इस हत्याकांड में पुलिसकर्मियों को भी गोलियां लगी थी।

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